#हिंद_दी_चादर
गोवा के स्वामी हरिश्रद्धानंद सरस्वती के साथ जुड़िए, जो श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के ३५०वें शहीदी समागम के अवसर पर उनके महान बलिदान और विरासत को नमन कर रहे हैं।
इस प्रेरणादायक संदेश में, स्वामी जी भक्त नामदेव जी की वाणी का उल्लेख करते हुए हमें याद दिलाते हैं कि ईश्वर वनों में भटकने से नहीं, बल्कि हमारे भीतर ही समाया हुआ है। यह आयोजन महाराष्ट्र और पंजाब के अटूट रिश्ते का प्रतीक है और हम सभी को अंतर्मुखी भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
#GuruTeghBahadurJi
#shaheedisamagam
#HindDiChadar
#kharghar
#Sikhism
No comments:
Post a Comment