सरदार डॉ. विजय सतबीर सिंह जी बता रहे हैं कि सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़ वही स्थान है जहाँ दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने अंतिम क्षण बिताए और एक ऐतिहासिक निर्णय लिया।
यहीं पर गुरु साहिब ने देहधारी गुरु परंपरा को समाप्त कर, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को युगों-युगों के लिए 'गुरु' घोषित किया।
आइए, इस महान इतिहास को नमन करें और 'हिंद-दी-चादर' श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी समागम में शामिल हों।
24-25 जनवरी, 2026 स्थानः मोदी मैदान, वाघाला,नांदेड.
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